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राहत की खबर:कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों को आरटीई में मिलेगी प्राथमिकता
आरटीई (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के तहत कमजोर आय वर्ग व वंचित समूह के बच्चों को गैर अनुदान प्राप्त निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों पर मुफ्त में प्रवेश दिया जाएगा। कोरोना काल में अनाथ हो चुके बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर एडमिशन दिया जाएगा।
जिले में सबसे ज्यादा उज्जैन शहर के बच्चों ने प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन के लिए आवेदन किए हैं। जिले में 921 प्राइवेट स्कूलों में अधिनियम के तहत 10852 सीटें आरक्षित हैं, जिन पर अब तक 9271 बच्चों ने आवेदन किए हैं। आरटीई के तहत कमजोर आय वर्ग के बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन देने की प्रक्रिया चल रही है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आवेदन की आखिरी तारीख तक जिले के स्कूलों में एडमिशन के लिए 9 हजार 271 बच्चों ने आवेदन जमा करवा दिए हैं। इनकी जांच व सत्यापन का कार्य शुरू हो गया है। इसके बाद 14 जुलाई को ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से सीटों का आवंटन होगा यानी पात्रता रखने वाले बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन दिया जाएगा।
इसमें प्रमुख रूप से कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों को लॉटरी के माध्यम से प्रवेश दिए जाने में प्राथमिकता दी जाएगी। ऑनलाइन लाॅटरी से स्कूल आवंटन के बाद संबंधित बच्चे 23 जुलाई तक प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन ले सकेंगे।